नहीं मालूम सफर का कितनी दूर किनारा है, इस सफर दिल हमारा कितनी ही बार हारा है, नहीं मालूम सफर का कितनी दूर किनारा है, इस सफर दिल हमारा कितनी ही बार हारा है,
वो गयी बदल एक बहाना करके वो गयी मेरे दिल में अफसाना करके बहुत वक्त बीत गया क्यों मैं व वो गयी बदल एक बहाना करके वो गयी मेरे दिल में अफसाना करके बहुत वक्त बीत गया क्...
नववर्ष का करो स्वागत पिछला सब भुला दो आज । नववर्ष का करो स्वागत पिछला सब भुला दो आज ।
सपनों की दुनिया में खोया हुआ खुद को मैं पाती हूँ। सपनों की दुनिया में खोया हुआ खुद को मैं पाती हूँ।
कभी कभी पुराने गीत भी बोलते हैं निराशाओं के बोझ को सीने में दबाए हुए चलते हैं, तो कभ कभी कभी पुराने गीत भी बोलते हैं निराशाओं के बोझ को सीने में दबाए हुए चलते ...
इनायत का इनाम दरिंदों से डरने की क्या बात।। इनायत का इनाम दरिंदों से डरने की क्या बात।।